Sunday, April 13, 2008

कानपुर ने बचा ली इज्जत


आखिर कानपुर की पिच ने भारतवासियों की इज्जत बचा ली। टीम इडिया के धुरंधरों ने िस्पनरों के मदद वाली पिच पर साउथ अफ्रीका को तीसरे टेस्ट में आठ विकेट से मात देकर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज १-१ से बराबरी कर ली। या दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि जिस तरह साउथ अफ्रीका ने दूसरा टेस्ट तीन दिनों में ही समाप्त कर दिया, ठीक उसी तरह धोनी के धुरंधरों ने साउथ अफ्रीका को तीसरे दिन ही हराकर बदला चुका लिया।

इस जीत में कानपुर की पिच भी काफी हद तक सहायक मानी जा रही है। वैसे तो मैं लुधियाना में हूं, पर वहां स्टेडियम में मौजूद रिपोटॆरों तथा क्यूरेटर से मालूम पड़ा कि यह पिच खास तौर से स्पिनरों को मदद कर रही थी, जिसका लाभ टीम इंडिया के स्पिनरों को मिला और तीसरा टेस्ट टीम इंडिया ने आसानी से जीत लिया। इस जीत में सौरव गांगुली की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता, जिसने पहली पारी में 87 और दूसरी पारी में नाबाद 13 रन बनाए। जिसके एवज में उन्हें मैन आफ द मैच के पुरस्करा से नवाजा गया।

वहीं धोनी की हिम्मत की भी दाग देनी होगी, जिन्होंने हरभजन से गेंदबाजी की शुरुआत कराई। हरभजन ने भी अपने कप्तान के भरोसे को कायम रखकर दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका के चार विकेट उखाड़ फेंके। उन्हें मैन आफ द सीरीज पुरस्कार मिला। कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है कि कानपुर (ग्रीनपार्क) की पिच की भी सराहना करनी होगी, जिसने हमारी इज्जत बचा ली।
जय भड़ास
टीम इंडिया