Monday, May 12, 2008
बहन की शादी
२२ अप्रैल को हिमगिरी एक्स. से घर के लिए रवाना हुआ। स्टेशन पर पहुंचने पर, गाड़ी पर बैठने पर मुझे जो खुशी महसूस हुई, वह प्रगट नहीं कर सकता। मेरे चेहरे की खुशी मेरे साथियों ने पढ़ लिया था। टेन सफर वैसे मुझे अच्छा नहीं लगता है, लेकिन घर के नाम पर सब कुछ अच्छा लगता है। बनारस पहुंचते ही एक शादी अटेंड किया। बैग सहित शादी में पहुंच गया। मुझे देख चौकीदार ने बाहर ही रोक लिया। कहा-झोला झक्कड़ लेकर कहां जा रहे हो। जब मैंने उसे बताया कि मैं भी शादी में आया हूं। तब उसने हंसकर मुझे अंदर जाने दिया। अंदर जाने के बाद मेरे परिवार वाले भौचक्का रह गए। काफी खुश हुए। २४ अप्रैल को दोस्त विवेक दूबे की शादी थी। विवेक पुलिस में भती है। इसके एक दिन बाद ही बहन के तिलक में सारा कामकाज संभालना पड़ा। बहुत अच्छे से तिलक संपन्न हुआ। २६ अप्रैल को दोस्त धनंजय तिवारी की शादी थी। इसके बाद बहन की शादी में जुट गया। दो मई को बहन श्वेता की शादी थी। आफिस की तरफ से उसे ३१०० का चेक मिला। शादी में परिवार के सभी सदस्य इकट्ठा हुए। बाहर से सभी बहन, भाई शामिल हुए। चार बहनों में श्वेता सबसे छोटी थी। इसलिए उसकी शादी को लेकर पहले से ही परिवारवालों में खुशी थी। काफी कुछ सोच रखा था मम्मी-पापा एक के बाद एक सभी दोस्तों की शादी में शामिल हुआ। बहुत खुशी हुई कि इस १५ दिनों की छुट्टी में सभी शादी बढियां से संपन्न हो गई।
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